
पटना के स्वघोषित जूनियर गणेश गायतोंडे ने हमें फेसबुक से अनफ्रेंड कर दिया है. जबकि अभी तक उनका नाम और उनकी कंपनी का नाम भी हमनें उजागर नहीं किया है. खैर उन्होंने ब्लॉक नहीं किया है क्योंकि उनको अभी बहुत कुछ देखना है. कल से कुछ लोग यह पूछ रहे हैं कि तुम्हारे साथ कुछ हुआ है ? तो बता दें कि मेरा पूर्व का पोस्ट मेरे लिए नहीं बल्कि उन साथी मीडियाकर्मियों के लिए था जो पीड़ित हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ बोलना भी चाह रहे हैं लेकिन मज़बूरी है. क्योंकि उन्हें स्वघोषित भगवान का डर है कि कहीं उनका कहा सच ना हो जाये और उनकी नौकरी पटना में कहीं ना लगे. ऐसे सभी पीड़ित साथी संपर्क में हैं. सभी से बात हुई है किसी ने मेरे पोस्ट को गलत नहीं बताया है. गणेश गायतोंडे एंड कंपनी के कारण हालात ऐसे हैं कि कई युवा साथियों को दशहरे में सैलरी नहीं दी गई. जिसके कारण उन्हें पटना छोड़ दूसरे शहर में नौकरी करने पर मजबूर होना पड़ा है. उनका दीवाली छठ कैसे बीतेगा वह 'असली भगवान' ही जानें.
लेकिन अभी भी मौक़ा है कुमार साहब... समझने वाले खूब समझ रहे हैं यह गणेश गायतोंडे एंड कंपनी कौन है. समय रहते गाड़ी के ड्राईवर का, ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर का, प्रोडूसर का, कॉपी एडिटर के मजदूरी का बकाया पैसा दे दीजिये, यही आपके पास एक मात्र विकल्प है.क्योंकि यह पैसा पचता नहीं है. अपनी प्रतिष्ठा बचाइये नहीं तो अगला पोस्ट करने के बाद फेसबुक भी आपको एक ही विकल्प देगा वो होगा हमें ब्लॉक करने का.
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