मधुबनी जिले में मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई है दुकान को तोड़ा गया है. घटना मधुबनी जिले के बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत बसैठ की है. जिसकी जानकारी कुछ देर पहले एक स्थानीय व्यक्ति ने फोन पर दी है.
घटना का पता किये पता चला खबर सही है. प्रशासन घटनास्थल पर कैंप कर रही है. इस बाबत कल शाम से लेकर अब तक की घटना की कई वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध हुई है. घटना मंगलवार शाम की है. जिस व्यक्ति को निशाना बनाया गया है वह शिवनगर गांव के आईटीआई कॉलेज में शिक्षक हैं. शिक्षक का नाम नरेंद्र प्रसाद है.
शिक्षक नरेंद्र के मुताबिक़ रोज की तरह मंगलवार की शाम वह कॉलेज से निकलकर घर जाने के लिए ऑटो को रुकवाए. जहां ऑटो में पहले से तीन महिलाऐं बीच की सीट पर बैठी थी. ऑटो चालक ने शिक्षक को बीच में बैठने के लिए कहा, जहां आम तौर पर चार लोग बैठते हैं. जिसका महिलाओं ने यह कहकर विरोध किया की पुरुष के साथ महिला क्यों बैठेगा ? दोनों तरफ से बहस हुई. बहस के दौरान ऑटो में पहले से पिछली सीट पर बैठे एक युवक ने भी महिला को गलत बताया. पीछे बैठा युवक अगरोपट्टी गांव का था. उस युवक ने महिला को कहा आप ही पीछे बैठ जाइए दिक्कत है तो. स्वाभाविक है महिला का विरोध भी गलत था क्योंकि ऑटो की बीच वाली सीट सिर्फ महिला या पुरुष के लिए रिजर्व नहीं होता है वहां आम तौर पर 4-5 यात्री बैठते हैं. खैर इस बहस के बीच कॉलेज के शिक्षक नरेंद्र प्रसाद और ऑटो में पीछे बैठे युवक ने ऑटो से उतरकर दूसरी ऑटो पकड़ ली.
दोनों ऑटो चलकर गंतव्य बसैठ पंहुची. जहां ऑटो से उतरकर अगरोपट्टी वाला युवक बेनीपट्टी की तरफ आगे बढ़ गया. जिस ऑटो से महिलाऐं बसैठ पहुंची थी उस ऑटोवाले ने उन महिलाओं से ऑटो रिजर्व का भाड़ा मांगा. शिक्षक नरेंद्र के आशंकाओं के मुताबिक़ ऑटो वाले ने महिलाओं से इस लिए पुरे भाड़े की डिमांड की क्योंकि उन महिलाओं के बहस कारण पहले से बैठे युवक ने भी ऑटो बदल लिया था. बसैठ में जहां ऑटो रुका वहां से दूसरा युवक जो ऑटो में महिलाओं के साथ पहले से पीछे वाली सीट पर बैठा था वह बेनीपट्टी की तरफ आगे बढ़ चुका था. महिलाओं से भाड़े मांगने के बाद महिलाओं ने शिक्षक नरेंद्र जो कि बसैठ में उतरे थे उनके पूछा कि वो दूसरा युवक कहां गया ? शिक्षक नरेंद्र ने बताया कि युवक चला गया. इसी बीच ऑटोवाले और महिलाओं के बहस के बीच में नरेंद्र भीड़ का शिकार हो गये. भीड़ ने मामला को छेड़खानी का रूप दे दिया और महिलाओं के शुभचिंतक बन भीड़ शिक्षक नरेंद्र पर टूट पड़ी. भीड़ ने उनके साथ जमकर मारपीट की. भीड़ बढ़ता देख जान बचाने के लिए नरेंद्र पास के एक होटल में घुस गये. जिसके पीछे 40-50 लोग थे. शिक्षक ने बसैठ चौकी को इस बात की सूचना दी. तब तक उनका पीछा करते हुए भीड़ ने दूकान पर पंहुचकर जमकर तोड़फोड़ की जिसका वीडियो भी है. शिक्षक रात भर जान बचाने के लिए छुपे रहे. मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया ज सकता है कि कल रात में दुकानें बंद हो गई, दिन में पूरा बाज़ार सुनसान रहा.
प्रशासन घटना को मामूली घटना बताई है. शिक्षक अभी भी भयभीत है. लेकिन क्या अगर शिक्षक भीड़ के हवाले हो जाते तो उसकी जान बच पाती ? अगर शिक्षक को मार दिया जाता तो हालात क्या होती ?
आम तौर ऐसे विवादों पर लिखने से पहले सोचता हूं. लेकिन आज शिक्षक नरेंद्र इसके शिकार हुए हैं क्या पता कल हम और आप भी ऐसी भीड़ का शिकार हों इस आशंकाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है. इस मामले में मुख्य कड़ी वह युवक जो अगरोपट्टी का था वह और ऑटो चालक अहम है. सभी आस-पास के ही रहे होंगे. इस आधार पर दोनों से बयान लेकर मामले की हकीकत का पता चल सकता है. साथ ही वीडियो में भीड़ साफ़ दिख रही है जो पुलिस को भी हड़काती हुई नजर आ रही है.
आखिर भीड़ का मकसद क्या था ? प्रशासन इस मामले में वीडियो देखकर व स्थानीय लोगों का बयान लेकर सभी दोषियों पर मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने की कोशिश की जुर्म में नामजद मुकदमा करें. शिक्षक को सुरक्षा मुहैया करवाएं यही अनुरोध है. अन्यथा यही समझा जायेगा प्रशासन मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के घटित होने का इंतज़ार कर रही है.
- घटना से जुड़ी कई वीडियो के साथ शिक्षक नरेंद्र का बयान भी इस पोस्ट में संलग्न है.
0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें