शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

तीन दोस्त एक साथ बाइक से मेला घुमने निकले थे...



तीन दोस्त एक साथ बाइक से मेला घुमने निकले थे. तीन में से दो युवक के मरणासन हालत में सड़क पर खून से लथपथ होने की खबर फैलती है. परिजन घटनास्थल पर पहुंचते हैं. जहां से तीसरा दोस्त गायब रहता है जबकि वही दोस्त ने मृतकों के ग्रामीण को फोन कर घटना की सूचना दी थी. जबकि उस दोस्त के पास अपने दोनों दोस्त के परिवार वालों का नंबर था. आनन-फानन में दोनों युवक को अस्पताल ले जाया जाता है जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया जाता है.

कुछ देर बाद एक मृतक के मोबाइल पर किसी लड़की/महिला का फ़ोन आता है. फोन मृतक का भाई रिसिभ करता है उधर से लड़की/महिला बोलती है - फलां को भी मार लग गया ? आश्चर्य से मृतक का भाई कहता है आप कौन ? लड़की/महिला पहले तो खुद को मधुबनी जिले के गेनौर गांव की रहने वाली बताती है और जब उसे यह बताया जाता है कि फलां अस्पताल में भर्ती है पानी चढ़ रहा है तो जवाब मिलता है मेरा घर बेनीपट्टी है और फोन कट जाता है. (कॉल रेकॉर्डिंग मौजूद है) अगले दिन अखबार में खबर छपती है दो बाइक की आपस में टक्कर में दो की मौत हो गई जिसकी पुष्टि थाना प्रभारी ने की है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऐसा लिखा गया है कि परिजन तो दूर किसी डॉक्टर को भी समझ में नहीं आ रहा. मामला मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल का है. दोनों मृतक की उम्र 34-35 वर्ष है. मृतक में से एक को चार बच्चे जिसमें तीन बेटी और एक बेटा है. वहीं दुसरे मृतक के दो बेटे और दो बेटी है. इतना ही समझने पढने के बाद इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है कि प्रशासन के कागज़ पर दो बाइक की ऐसी टक्कर हुई कि कानून की धज्जी उड़ी और दो युवकों का परिवार उजर गया.

इन दोनों बाइक की आपस में टक्कर हुई और दो व्यक्ति की मौत हो गई. जबकि दोनों दोस्त एक दिशा में आ रहे थे फिर आपस में टक्कर कैसे होगी... क्या यह मानने वाली बात है ?

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